Piles यानी बवासीर: जानिए सही तरीके से 7 दिन में कैसे टीक करें
क्या आप टॉयलेट जाते वक्त जलन, दर्द, खून दिखने या फिर मलद्वार के आसपास सूजन का एहसास कर रहे हैं? अगर हाँ, तो यह संकेत है कि शायद अब पाइल्स यानी बवासीर का खतरा आपके सामने खड़ा है। चिंता मत कीजिए, क्योंकि यह कोई अचानक से होने वाली बीमारी नहीं है। बल्कि, यह आपके शरीर का एक अहम संकेत है , कि आपका डाइजेस्टिव सिस्टम बहुत लंबे समय से प्रेशर में है। अच्छी खबर यह है कि 90% मामलों में बिना ऑपरेशन के, सही डाइट, जीवनशैली और आयुर्वेदिक उपायों से पाइल्स को पूरी तरह से ठीक किया जा सकता है।
जानिए Piles क्या हैं और क्यों होते हैं?
पाइल्स का मतलब है मलद्वार के अंदर या बाहर मौजूद वेंस की सूजन या प्रेशर की स्थिति। इसे मेडिकल भाषा में बवासीर कहा जाता है। ये सूजनें दो तरह की होती हैं:
इंटरनल पाइल्स: जो मलद्वार के अंदर होते हैं।
एक्सटर्नल पाइल्स: जो बाहर निकल आते हैं।
ज्यादातर मामलों में यह समस्या तब बढ़ती है जब मल त्याग के समय जोर लगाना पड़ता है, कब्ज रहता है, गलत खानपान और जीवनशैली का पालन किया जाता है।
Piles को बढ़ाने वाली गलतियां और सावधानियां
बहुत से लोग अनजाने में ही ऐसी गलतियां कर बैठते हैं, जो इस समस्या को और भी जटिल बना सकती हैं। आइए जानें, कौन-कौन सी गलतियां पाइल्स को और बढ़ावा देती हैं:
1. मसालेदार और स्पाइसी फूड का सेवन
2. फ्राइड फूड और जंक फूड
बाहर का तला-भुना, तेल में भुना हुआ खाना जैसे पूरी, भटूरे, नमकीन, चिप्स आदि कब्ज और सूजन को बढ़ाते हैं।
3. मैदे से बनी चीजें
ब्रेड, बिस्कुट, केक, पेस्ट्री जैसे मैदे से बने उत्पाद फाइबर की कमी कर देते हैं, जिससे कब्ज की समस्या बढ़ती है।
4. नॉनवेज और प्रोसेस्ड मीट
रेड मीट और प्रोसेस्ड मीट डाइजेस्ट होने में लंबा समय लेते हैं, जिससे इनफ्लेमेशन बढ़ती है और पाइल्स की स्थिति गंभीर हो सकती है।
5. पर्याप्त पानी और फाइबर का अभाव
कम पानी पीना और फाइबर से रहित खानपान कब्ज और स्टूल कठोरता का कारण बनता है, जो पाइल्स को और बढ़ाता है।
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सही खानपान और जीवनशैली से पाइल्स से 7 दिन में राहत कैसे पाएं?
सिर्फ खानपान में बदलाव ही नहीं, बल्कि जीवनशैली में भी सुधार जरूरी है। यहाँ कुछ आसान उपाय दिए गए हैं, जिनसे आप पाइल्स को बिना ऑपरेशन के ठीक कर सकते हैं:
1. फाइबर युक्त आहार अपनाएं
फल, सब्जियां, ओट्स, जई, और साबुत अनाज जैसे फाइबर युक्त भोजन का सेवन करें। ये मल को नरम बनाते हैं और कब्ज से लड़ने में मदद करते हैं।
2. खूब पानी पीएं
दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पीना जरूरी है। इससे मल सॉफ्ट रहेगा और मलद्वार पर दबाव कम होगा।
3. ताजगी और ठंडक से भरपूर आहार
छाछ, गाजर का जूस, खीरा, पत्ता गोभी जैसी ठंडी और ताजी सब्जियां और पेय पदार्थ पाइल्स में राहत देते हैं।
4. नियमित व्यायाम और स्ट्रेस कम करना
सामान्य व्यायाम जैसे वॉकिंग, योगा, प्राणायाम आदतें बेहतर डाइजेस्टिव सिस्टम बनाती हैं और प्रेशर को कम करती हैं।
5. गलत खानपान से दूरी बनाएँ
मसालेदार, तला-भुना, मैदे से बनी चीजें, रेड मीट और प्रोसेस्ड फूड को कम से कम करें।
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आयुर्वेदिक उपाय और घरेलू नुस्खे
अगर आप खानपान में सुधार के बावजूद संक्रमण को रोकना चाहते हैं, तो आयुर्वेदिक और घरेलू उपाय बहुत प्रभावी हो सकते हैं। यहाँ कुछ ट्राय किए गए उपाय दिए गए हैं:
1. पीएफ 90 और पीएफ 90 बूस्ट
यह आयुर्वेदिक कॉम्बिनेशन पाइल्स के मुख्य ट्रिगर्स पर काम करता है। यह मल संबंधी समस्या, सूजन, इनफ्लेमेशन और हीलिंग प्रोसेस को तेजी से सुधारता है। नीम, चित्रक, अमलतास जैसे जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल इन फॉर्मूलेशंस में किया जाता है, जो नसों को शांत करते हैं और हीलिंग को प्रोत्साहन देते हैं।
2. छाछ और जीरा
लंच के बाद एक गिलास छाछ में आधा चम्मच भुना हुआ जीरा मिलाएं। यह सूजन कम करता है और मल को नरम बनाता है।
3. नेचुरल फाइबर से भरपूर फूड्स
रात को सोने से पहले दो-तीन सूखे अंजीर, खजूर और मुनक्के भिगोकर रखें। सुबह इन्हें खाएं और जो पानी बचे, उसे पी लें। यह पेट को साफ और स्टूल को सॉफ्ट बनाता है।
4. फल और सब्जियां
सेब, नाशपाती, केला (छोटे ब्लैक स्पॉट्स के साथ), तोरी, लौकी, खीरा और पत्ता गोभी जैसी सब्जियों का सेवन करें। ये टाइप में ठंडी और फाइबर से भरपूर हैं, जो डाइजेशन में मददगार हैं।
पाइल्स से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां
अपनी डाइट में फाइबर शामिल करें और पानी खूब पीएं।
मसालेदार, तला-भुना और जंक फूड से बचें।
सही तरीके से मल त्याग करें और जोर लगाने से बचें।
नियमित व्यायाम और योग का अभ्यास करें।
पाइल्स की समस्या शुरू होने से पहले ही रोकथाम करें।
जब डॉक्टर से मिलना जरूरी है?
अगर आपको लगातार खून आ रहा है, दर्द बहुत अधिक है, चक्कर आ रहे हैं या फिर घरेलू उपायों के बाद भी आराम नहीं मिल रहा है, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यह गंभीर समस्या बन सकती है, जिसका सही समय पर इलाज आवश्यक है।
निष्कर्ष: पाइल्स का इलाज है आसान, बस चाहिए सही समझदारी और खानपान का ध्यान
पाइल्स कोई अनहोनी नहीं है, बल्कि शरीर का एक संदेश है कि आपका डाइजेस्टिव सिस्टम बेहतर काम नहीं कर रहा है। सही खानपान, जीवनशैली में बदलाव और आयुर्वेदिक उपायों से आप इस समस्या से निजात पा सकते हैं। यदि आप गंभीरता से इन उपायों का पालन करें और समय रहते उपचार करें, तो ऑपरेशन से बचना संभव है।
अपनी सेहत का ध्यान रखें, सही खानपान अपनाएं और स्वस्थ जीवनशैली की ओर कदम बढ़ाएं।